Product details
- Publisher : Vani Prakashan; First Edition (1 January 2006)
- Language : Hindi
- Paperback : 96 pages
- ISBN-10 : 9352291611
- ISBN-13 : 978-9352291618
- Item Weight : 200 g
- Dimensions : 20.3 x 25.4 x 4.7 cm
- Country of Origin : India
- Best Sellers Rank: #1,064,727 in Books
- About to product
- यह उपन्यास बातता है कि आजकल के नौजवानों में लगभग नब्बे प्रतिशत, असुरक्षा के शिकार हैं। पूरी की पूरी एक पीढ़ी यह महसूस करती है कि राज्य, राष्ट्र नौकरी, कल-कारखाने, स्वनियुक्ति के कामकाज, विविध योजनाओं में उनके लिए कहीं, कोई जगह नहीं है। वे लोग निरे फालतू हैं। अगर वे न भी पैदा हुए होते, तो चल जाता। सिस्टम ने उन्हें ख़ारिज कर दिया है। अमिय की पीढ़ी यही महसूस करती है। पिछली पीढ़ी उन्हें समझ ही नहीं पाई। यह सड़े-गले, हिंस्र-निर्मम सिस्टम ने उन लोगों को ख़ारिज़ कर दिया है। प्रतिवाद की आवाज़ मानो विद्रोह की आवाज हो। विद्रोह का अर्थ ही है, जड़ से समूल नष्ट कर दो।
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